No festivals today or in the next 14 days. 🎉

पापमोचनी एकादशी की पौराणिक कथा

Ekadashi Story 2025: Hindu Panchang Calendar के अनुसार Chaitra महीने के Krishna Paksha की Papmochani Ekadashi वर्ष 2025 में इस बार 25 March, दिन Tuesday को मनाई जा रही है। इस दिन Bhagwan Shri Vishnu का पूजन (worship) किया जाता हैं। धार्मिक मान्यतानुसार यह दिन सभी पापों (sins) का नाश (destruction) करने वाला माना गया है।
आइए जानते हैं यहां Papmochani Ekadashi की पौराणिक कथा (mythological story) -
इस संबंध में प्राप्त Papmochani Ekadashi की Vrat Katha के अनुसार प्राचीन समय में Chitrarath नामक एक रमणिक वन (beautiful forest) था। इस वन में Devraj Indra Gandharva कन्याओं (heavenly maidens) तथा Devtas (deities) सहित स्वच्छंद विहार (free movement) करते थे। एक बार Medhavi नामक ऋषि (sage) भी वहां पर तपस्या (penance) कर रहे थे। वे ऋषि Shiva उपासक (devotee) तथा अप्सराएं (celestial nymphs) Shiva Drohini Anang Dasi/ Anuchari थी।
एक बार Kamdev ने मुनि (sage) का तप भंग करने के लिए उनके पास Manjughosha नामक अप्सरा (Apsara) को भेजा। युवावस्था (youth) वाले मुनि अप्सरा के हाव भाव (gestures), नृत्य-गीत (dance and song) तथा कटाक्षों पर काम मोहित (enamored) हो गए। Rati-Krida करते हुए 57 वर्ष व्यतीत हो गए। एक दिन Manjughosha ने Devalok जाने की आज्ञा मांगी। उसके द्वारा आज्ञा मांगने पर मुनि को भान आया और उन्हें आत्मज्ञान (self-realization) हुआ कि मुझे Rasatal (hell) में पहुंचाने का एकमात्र कारण Apsara Manjughosha ही हैं। क्रोधित होकर उन्होंने Manjughosha को Pishachini (demoness) होने का श्राप (curse) दे दिया।
ऋषि का श्राप सुनकर अप्सरा Manjughosha ने कांपते हुए मुनि से इससे मुक्ति (liberation) का उपाय (remedy) पूछा। तब मुनिश्री ने Papmochani Ekadashi का व्रत (fast) रखने को कहा और अप्सरा को मुक्ति (freedom) का उपाय बताकर पिता Chyavan के आश्रम (hermitage) में चले गए।
पुत्र के मुख से श्राप देने की बात सुनकर Chyavan Rishi ने पुत्र की घोर निंदा (criticism) की तथा उन्हें Papmochani Chaitra Krishna Ekadashi का व्रत करने की आज्ञा दी। इस व्रत के प्रभाव (effect) से Manjughosha Apsara Pishachini देह से मुक्त (freed) होकर Devalok चली गई।
इस प्रकार Brahmaji के मुख से कहें वचनानुसार जो कोई मनुष्य विधिपूर्वक Papmochani Ekadashi व्रत करेगा, उसके सभी पापों (sins) की मुक्ति (freedom) निश्चित ही होती है, साथ ही जो कोई इस व्रत के Mahatmya (glory) को पढ़ता या सुनता है उसको सारे संकटों (difficulties) से मुक्ति (relief) मिल जाती है। ऐसी Papmochani Ekadashi की Mahima (significance) है।
अतः ऐसा कहा जाता है कि जीवन (life) के सभी पापों (sins) की मुक्ति (salvation) के लिए तथा Moksha (liberation) प्राप्ति के लिए हर मनुष्य को Chaitra Mah की Papmochani Ekadashi का व्रत अवश्य रखना चाहिए।

Related Blogs

Shri Krishna Sharanam mam (श्रीकृष्णः शरणं मम)

श्री कृष्ण शरणम मम: भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में देवकी और वसुदेव के घर हुआ था, और उन्हें वृंदावन में नंद और यशोदा ने पाल-पोसा। चंचल और शरारती भगवान श्री कृष्ण की पूजा विशेष रूप से उनकी बाल्य और युवावस्था की रूप में की जाती है, जो भारत और विदेशों में व्यापक रूप से प्रचलित है। श्री कृष्ण शरणम मम: का उच्चारण करके भक्त भगवान श्री कृष्ण की शरण में आते हैं, यह मंत्र श्री कृष्ण की कृपा और संरक्षण प्राप्त करने का एक प्रमुख उपाय माना जाता है।
Stotra

Shrimad Bhagwad Gita Parayaan - Chapter 11 (श्रीमद्भगवद्गीता पारायण - एकादशोऽध्यायः)

श्रीमद्भगवद्गीता पारायण के एकादशोऽध्याय में कृष्ण ने अर्जुन को विश्वरूप दर्शन का महत्व समझाया है।
Shrimad-Bhagwad-Gita-Parayaan

Devi Ashwadhati (Amba Stuti) देवी अश्वधाटी (अंबा स्तुति)

देवी अश्वधाटी (अंबा स्तुति): यह स्तुति देवी अम्बा को समर्पित है, जो शक्ति और मातृत्व की देवी हैं।
Stuti

Siddhi Vinayaka Stotram (सिद्धि विनायक स्तोत्रम्)

सिद्धि विनायक स्तोत्रम्: यह स्तोत्र भगवान गणेश के सिद्धि विनायक रूप को समर्पित है और सफलता और समृद्धि के लिए जपा जाता है।
Stotra

Narayaniyam Dashaka 11 (नारायणीयं दशक 11)

नारायणीयं दशक 11 में भगवान नारायण के लीलाओं का वर्णन है। यह दशक भक्तों को भगवान के दिव्य लीलाओं की अद्वितीयता को समझाता है।
Narayaniyam-Dashaka

Devi Mahatmyam Aparadha Kshamapana Stotram (देवी माहात्म्यं अपराध क्षमापणा स्तोत्रम्)

Devi Mahatmyam Aparadha Kshamapana Stotram देवी Durga से forgiveness की प्रार्थना करने वाला एक sacred hymn है। यह holy chant भक्तों द्वारा जाने-अनजाने में किए गए mistakes, sins, और omissions के लिए divine mercy मांगता है। इस stotra के पाठ से negative karma समाप्त होता है और spiritual purification होता है। देवी की grace से जीवन में peace, prosperity, और harmony आती है। यह powerful mantra bhakti, karma, और moksha की प्राप्ति में सहायक होता है। Devi Mahatmyam Aparadha Kshamapana Stotram का जाप positivity और inner peace को बढ़ाने में मदद करता है।
Stotra

Ganesha Dwadashanama Stotram (गणेश द्वादशनाम स्तोत्रम्)

गणेश द्वादशनाम स्तोत्रम्: यह स्तोत्र भगवान गणेश के बारह नामों का वर्णन करता है।
Stotra

Govinda Damodara Stotram (गोविंद दामोदर स्तोत्रम्)

गोविंद दामोदर स्तोत्रम् भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का वर्णन करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। यह स्तोत्र भक्तों को गोविंद, दामोदर और माधव के नामों की महिमा का अनुभव करने में मदद करता है।
Stotra

Today Panchang

03 April 2025 (Thursday)

Sunrise06:09 AM
Sunset06:40 PM
Moonrise09:37 AM
Moonset12:31 AM, Apr 04
Shaka Samvat1947 Vishvavasu
Vikram Samvat2082 Kalayukta