No festivals today or in the next 14 days. 🎉

शीतला सप्तमी-अष्टमी पर बासी खाने का भोग क्यों लगाया जाता है? क्या है इस दिन का आपकी सेहत से कनेक्शन

जानें शीतला माता को ठंडा भोजन चढ़ाने के पीछे का महत्व, वैज्ञानिक और धार्मिक कारण

Shitala Saptami 2025: भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का अपना विशेष महत्व है। Shitala Saptami और Shitala Ashtami का पर्व Hindu Religion में विशेष महत्व रखता है। इसे Basoda Festival भी कहा जाता है। इस दिन Shitala Mata Puja की जाती है और उन्हें Stale Food Offering का भोग लगाया जाता है। Shitala Mata Puja में विशेष रूप से Stale Food Bhog अर्पित किया जाता है। यह पर्व Chaitra Month Krishna Paksha की Saptami और Ashtami Tithi को मनाया जाता है। Shitala Saptami 2025 Date 21 March को और Shitala Ashtami 2025 Date 22 March को रहेगी। इस दिन Shitala Mata Puja कर घर-परिवार की Happiness, Prosperity, और Health की कामना की जाती है।
Shitala Saptami-Ashtami Importance
Shitala Saptami और Ashtami का पर्व Holi Festival के बाद मनाया जाता है। इसे 'Basoda Festival' भी कहा जाता है। Shitala Saptami Festival विशेष रूप से North India, Rajasthan, Madhya Pradesh, और Gujarat में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन Shitala Mata की पूजा कर Stale Food Prasad चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि Shitala Mata को ठंडा और बासी भोजन अत्यंत प्रिय है। इस दिन महिलाएं प्रातःकाल उठकर Shitala Mata Temple में जाकर पूजन करती हैं और वहां Stale Food Offering का प्रसाद चढ़ाती हैं। मुख्य रूप से Jaggery, Churma, Stale Poori, Bajra Roti, और Kadhi का भोग लगाया जाता है।
Why is Stale Food Offered on Shitala Saptami?
Balance of Heat and Coolness: Holi Festival गर्मी का प्रतीक होता है, जबकि Shitala Mata को शीतलता का प्रतीक माना जाता है। Stale Food Bhog शीतलता का प्रतीक है और इसे ग्रहण कर मां को प्रसन्न किया जाता है।
Religious Significance: धार्मिक मान्यता के अनुसार, Holi के दिन ताजे खाने का भोग चढ़ाया जाता है, जबकि Shitala Saptami पर बासी भोजन का। इससे जीवन में Calmness और Patience का महत्व दर्शाया जाता है।
Prevention from Infectious Diseases: प्राचीन समय में Smallpox, Measles, जैसी बीमारियां अधिक फैलती थीं। इस दिन खाना न पकाने की परंपरा इसलिए भी है ताकि भोजन में धूल-मिट्टी और संक्रमण न लगे।
Is Stale Food Beneficial for Health?
बासी खाने को लेकर अलग-अलग धारणाएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे सेहत के लिए हानिकारक मानते हैं, जबकि कुछ इसे Digestive System के लिए लाभकारी मानते हैं।
Benefits of Stale Food
🕒Aids Digestion: बासी खाना ठंडा होने के कारण Digestive System पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता।
🕒Rich in Probiotics: बासी चावल और दही में प्राकृतिक रूप से Probiotics होते हैं जो Gut Health के लिए अच्छे माने जाते हैं।
🕒Energy Booster: बासी खाने में ऊर्जा बनाए रखने के लिए आवश्यक Nutrients भी होते हैं।
Shitala Saptami-Ashtami 2025 पर बासी खाने का भोग लगाने की परंपरा का वैज्ञानिक आधार भी है। गर्मी के मौसम में ताजे खाने की तुलना में Properly Stored Stale Food खाने से Digestion Process में सहायता मिलती है। यही कारण है कि इस दिन Stale Food Offering चढ़ाया जाता है और प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
Shitala Saptami-Ashtami Festival केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि Healthy Lifestyle का भी संदेश देता है। हालांकि, यदि आप सेहत को प्राथमिकता देते हैं, तो Stale Food को लेकर सावधानी जरूर बरतें।

Related Blogs

Bhagwan Surya Arti (भगवान् सूर्य की आरती)

भगवान सूर्य की आरती सूर्य देव की तेजस्विता, शक्ति, और ऊर्जा की स्तुति करती है। इसमें Surya Dev, जिन्हें Aditya, Bhaskar, और Ravi के नाम से भी जाना जाता है, को सभी ग्रहों के राजा, प्रकाश के स्रोत, और जीवन के दाता के रूप में पूजा जाता है। आरती में भगवान सूर्य से सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद माँगा जाता है।
Arti

Uddhava Gita - Chapter 7 (उद्धवगीता - सप्तमोऽध्यायः)

उद्धवगीता के सप्तमोऽध्याय में उद्धव और कृष्ण की वार्ता में धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष के महत्व पर चर्चा होती है।
Uddhava-Gita

Shri Ram Chalisa

राम चालीसा एक भक्ति गीत है जो भगवान राम के जीवन, आदर्शों और गुणों पर आधारित है। यह 40 छन्दों से मिलकर बनी एक प्रसिद्ध प्रार्थना है। राम चालीसा का पाठ भगवान राम की कृपा पाने, शांति, सुख, और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए किया जाता है। इसे विशेष रूप से राम नवमी, दशहरा, दीपावली, और अन्य रामभक्त त्योहारों पर गाया जाता है। राम चालीसा का पाठ करने से भक्तों को श्रीरामचरितमानस, संपूर्ण रामायण, और हनुमान चालीसा के समान आध्यात्मिक लाभ मिलता है। यह भगवान राम के गुणों जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम, धैर्य, और त्याग को उजागर करता है। इस प्रार्थना को सुबह और शाम के समय, राम आरती, राम मंत्र जप, या राम कथा के साथ जोड़कर पाठ करना अत्यधिक शुभ माना गया है।
Chalisa

Maa Tara yantra Mantra (माँ तारा यंत्र मंत्र)

माँ तारा यंत्र मंत्र देवी तारा की पूजा और आराधना के लिए एक शक्तिशाली यंत्र और मंत्र है, जो भक्तों को संकटों से मुक्ति, मानसिक शांति, और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने में सहायक होता है। यह यंत्र और मंत्र नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
Yantra-Mantra

Bhagavad Gita Eleventh Chapter (भगवद गीता ग्यारहवाँ अध्याय)

भगवद गीता ग्यारहवां अध्याय "विश्व रूप दर्शन योग" है। इस अध्याय में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना विश्वरूप दिखाया, जिसमें उन्होंने अपने संपूर्ण ब्रह्मांडीय स्वरूप का दर्शन कराया। यह अध्याय भगवान की महानता और असीम शक्ति को प्रकट करता है।
Bhagwat-Gita

Shiv Dhyaan Mantra (शिव ध्यान मंत्र)

Shiv Dhyaan Mantra का जाप करने से inner peace, spiritual awakening, और positive energy प्राप्त होती है। Lord Shiva, जिन्हें Mahadev, Bholenath, और Adi Yogi कहा जाता है, उनकी उपासना से negative energy removal, stress relief, और mental clarity मिलती है। Om Namah Shivaya, Mahamrityunjaya Mantra, और Shiva Panchakshari Mantra जैसे powerful Shiv Mantra का जाप करने से good health, success in career, और protection from evil प्राप्त होता है। विशेष रूप से Mahashivratri, Sawan Somvar, Pradosh Vrat, Shravan Maas, और Masik Shivratri पर इन मंत्रों का जाप करने से divine blessings, happiness, और prosperity मिलती है।
Dhayan-Mantra

Bhagavad Gita second chapter (भगवद गीता दूसरा अध्याय)

भगवद गीता के दूसरे अध्याय का नाम "सांख्य योग" या "ज्ञान का योग" है। यह अध्याय गीता का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है, क्योंकि इसमें भगवान कृष्ण अर्जुन को जीवन, कर्तव्य और आत्मा के गूढ़ रहस्यों का ज्ञान देते हैं। श्रीकृष्ण अर्जुन को आत्मा की अमरता, कर्मयोग का महत्व और समभाव बनाए रखने की शिक्षा देते हैं। यह अध्याय जीवन में सही दृष्टिकोण अपनाने और अपने धर्म का पालन करने के लिए प्रेरित करता है।
Bhagwat-Gita

Shri Haridra Ganesh Kavach (श्री हरिद्रा गणेश कवच)

श्री हरिद्रा Ganesha Kavach हल्दी से बने Ganesha को संबोधित है। माता के दशों Mahavidya रूपों के अलग-अलग Bhairav तथा Ganesha हैं। श्री Baglamukhi Mata के Ganesha श्री हरिद्रा Ganesha जी हैं। श्री हरिद्रा Ganesha जी की पूजा माता Baglamukhi की साधना के साथ ही की जाती है।
Kavacha

Today Panchang

03 April 2025 (Thursday)

Sunrise06:09 AM
Sunset06:40 PM
Moonrise09:37 AM
Moonset12:31 AM, Apr 04
Shaka Samvat1947 Vishvavasu
Vikram Samvat2082 Kalayukta